मंगलवार, 1 नवंबर 2011

आसान नहीं होता कदम बढ़ाना..

आसान नहीं होता कदम बढ़ाना
तो कभी मुश्किल लगता है मंजिल को पाना
कारण हर किसी के लिए एक नहीं
मगर काफी हद तक है सभी का किस्मत पे आकर रूक जाना.

हकीक़त का ही हिस्सा है जिन्दगी का सपनों में बहते जाना
ख्यालों में खोना कभी, तो कभी आसमां में छलांग लगाना
धरती पर पांव टिक नहीं पाते और 
खवाबों में शरीक होता है दुनिया को लाँघ जाना
यकीन खुद पर होता नहीं, रहता है शेष किस्मत पे दोष जाताना.
 
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4 प्रतिक्रियाएँ:

  1. Merry Christmas!
    आज 25/12/2012 को आपकी यह पोस्ट (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति मे ) http://nayi-purani-halchal.blogspot.com पर पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!

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  2. गहन भाव लिए सुन्दर रचना...
    नववर्ष की शुभकमनाएं....
    :-)

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  3. बहुत बढ़िया पस्तुति ..
    क्रिसमस और नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें!!

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कृपया इस रचना के लिए अपनी कीमती राय अवश्य दें ...धन्यवाद